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लोकार्पण के दो दिन बाद जनता के लिए खुलेगा महाँकाल लोक..इंदौर से उज्जैन तक 11 अक्टूबर को टोल फ़्री

लोकार्पण के दो दिन बाद जनता के लिए खुलेगा महाँकाल लोक..इंदौर से उज्जैन तक 11 अक्टूबर को टोल फ़्री

परितोष राजगुरु  |  09 Oct, 11:53 PM |  774

लोकार्पण  के दो दिन बाद जनता के लिए खुलेगा महाँकाल लोक..इंदौर से उज्जैन तक 11 अक्टूबर को टोल फ़्री

 श्री महाकाल लोक ' का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अक्टूबर को करेंगे ! लेकिन , जनता को इस लोक का नजारा करने का मौका 14 अक्टूबर से ही मिलेगा । राज्य सरकार ने लोकार्पण के दौरान 11 अक्टूबर को इंदौर - उज्जैन मार्ग को टोल फ्री करने के निर्देश दिए हैं । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अक्टूबर की शाम उज्जैन पहुंच रहे हैं । वे ' श्री महाकाल लोक ' का भव्य समारोह में लोकार्पण करेंगे । लेकिन , पर्यटक 14 अक्टूबर से ही श्री महाकाल लोक देख सकेंगे । इसलिए कि सजावट की सामग्री समेटने के लिए दो दिन लगेंगे । जब तक सारी सामग्री हट नहीं जाती , लोगों के लिए महाकाल लोक नहीं खोला जाएगा । यही कारण है कि इसे 14 अक्टूबर से जनता के लिए खोले जाने का फैसला किया गया । ' श्री महाकाल लोक ' के लोकार्पण समारोह के दिन इंदौर - उज्जैन मार्ग को टोल फ्री करने के निर्देश अफसरों को दिए गए हैं । उज्जैन की सड़कों को भी सजाया गया है । पौराणिक कथाओं पर आधारित वॉल पेंटिंग भी की जा रही है । सड़कों पर भी भगवा पताकाएं व एलईडी लगाई गई । 50 किमी पर बिजली के 600 खम्भे प्रधानमंत्री की यात्रा के लिए इंदौर - उज्जैन के 50 किलोमीटर लंबे मार्ग को मप्र पश्चिम विद्युत वितरण कंपनी ने 600 पोल लगाकर रोशन किया है । इसके लिए 200 कर्मचारियों की विशेष टीम तैयार की गई थी । इंदौर जिले की सीमा में 400 और उज्जैन जिले की सीमा में 200 पोल लगाए गए हैं ।
_उज्जैन के लिए ऐतिहासिक दिन मंगलवार 11 अक्टूबर का दिन उज्जैन और मध्य प्रदेश के इतिहास में ऐतिहासिक होने जा रहा है । इस दिन प्राचीन काल गणना नगरी उज्जैन सहित प्रदेश के सभी मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर दीपोत्सव मनाया जाएगा । शिव लीलाओं की अदभुत छटा के साथ उज्जैन का ' श्री महाकाल लोक ' विकसित किया गया है । उज्जैन नगरी को श्रद्धालुओं के लिए इस तरह विकसित कि पर्यटक एवं श्रद्धालु खिंचे चले आएंगे । यहाँ पौराणिक कथाओं पर केन्द्रित शिव लीलाओं के साथ ऐसी अधोसंरचना निर्मित की गई हैं , जिन्हें देखकर लोगों को पृथ्वी पर शिव लोक के दर्शन होंगे । कई शहरों के मंदिरों में अभिषेक और पूजन उज्जैन के मुख्य कार्यक्रम का लाइव प्रसारण करने की व्यवस्था भी की गई है । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का मानना है कि समारोह जरूर उज्जैन में हो रहा है , लेकिन इसकी छटा पूरे प्रदेश में बिखरेगी और निखरेगी । मुख्यमंत्री की इस मंशा को पूरा करने सभी जिलों में प्रशासन ने जनभागीदारी से लोकार्पण समारोह की तैयारियां की है । प्रदेश के देव स्थानों में दीपमालाएँ जला कर रोशनी की जाएगी । सभी जिलों के बड़े शिव मंदिरों में 10 एवं 11 अक्टूबर को 2 दिन अभिषेक पूजन आदि होंगे और मंदिरों में रोशनी की जायेगी ।_
पांच साल पुरानी अवधारणा पूरी
_श्री महाकाल लोक की अवधारणा वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मन में आई थी । इस पर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं , संतों और विषय विशेषज्ञों के साथ विचार - विमर्श कर योजना तैयार की गई थी जिस पर गंभीरता से अमल करते हुए योजना का प्रथम चरण पूर्ण किया जा चुका है । श्री महाकाल लोक के लोकार्पण के अलावा प्रधानमंत्री मोदी उज्जैन में एक विशाल धर्म सभा को भी संबोधित करेंगे ।
लोकार्पण  के दो दिन बाद जनता के लिए खुलेगा महाँकाल लोक..इंदौर से उज्जैन तक 11 अक्टूबर को टोल फ़्री

राष्ट्र-संत श्री ललितप्रभ जी का सीतामऊ में आगमन.... 8 फरवरी...

राष्ट्र-संत श्री ललितप्रभ जी का सीतामऊ में आगमन.... 8 फरवरी रविवार को नगर परिषद प्रांगण में होगा जीवन जीने की कला पर विराट सत्संग और प्रवचन

राष्ट्र-संत श्री ललितप्रभ जी का सीतामऊ में आगमन.... 
8 फरवरी रविवार को नगर परिषद प्रांगण में होगा जीवन जीने की कला पर विराट सत्संग और प्रवचन

सीतामऊ 

राष्ट्र-संत महोपाध्याय श्री ललितप्रभ सागर जी महाराज एवं डॉ मुनि श्री शांति प्रिय सागर जी महाराज का 8 फरवरी रविवार को सीतामऊ में भव्य नगर-प्रवेश होगा। उनके नगर पालिका प्रांगण में 8 फरवरी 2026 रविवार रात्रि 7:30 से 9:30 बजे तक जीवन जीने की कला पर दिव्य सत्संग और आध्यात्मिक प्रवचन की ज्ञान गंगा बहेगी। संतगण इस सत्संग के जरिए जन-मानस को जीवन-निर्माण तथा व्यक्तित्व-विकास के बेहतरीन गुर सिखाएंगे। राष्ट्र-संतों की दिव्य साधना, ओजस्वी वाणी और महान चिंतन उनकी सैकड़ों किताबों और हजारों प्रवचनों के जरिए पूरे देश में फैला हुआ है।
कार्यक्रम के आयोजक जैन श्री संघ के अभय ओस्तवाल,डॉक्टर अरविंद ओस्तवाल, प्रदीप बोहरा, अजीत ओस्तवाल, अशोक जी जैन ने बताया कि संतजन सीतामऊ के समस्त श्रद्धालु भाई बहनों के निवेदन पर नगर पालिका प्रांगण में विराट सत्संग एवं प्रवचन आयोजित कर रहे हैं। अब तक देश के 20 राज्यों के लाखों लोग इन राष्ट्र-संतों के प्रभावी प्रवचनों का लाभ उठा चुके हैं। सर्वधर्म सद्भाव से जुड़े इन राष्ट्र-संतों के प्रवचनों में छत्तीस कौम की जनता उमड़ती है और ये हर विषय पर प्रवचन देते हैं। राष्ट्र संत हैदराबाद के हैदराबाद के नुमाइश मैदान में ऐतिहासिक चातुर्मास पूरा करने के बाद राजस्थान की ओर जा रहे हैं इस बीच में 1 दिवसीय प्रवास पर सीतामऊ आ रहे हैं।
संघ के विवेकानंद, नवदीप पोरवाल, वैभव जैन, नितेश पटवा, राजेंद्र भंसाली, सुरेंद्र ओस्तवाल, सुरेश दशेड़ा, पारस जैन दीपाखेड़ा ने बताया कि राष्ट्र-संत जितना मिठास से जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं उतना ही अपने जीवन में प्रेम और मिठास को घोले रखते हैं। पूरे देशभर में लगभग 50 हजार किलोमीटर की पदयात्रा कर चुके इन राष्ट्र-संतों की संस्कार-निर्माण, व्यक्तित्व-विकास और जीवन-मूल्यों पर दी गई प्रेरणाएँ जनमानस में नई ऊर्जा का संचार करती हैं। अपनी प्रभावी प्रवचन शैली के लिए पूरे देश भर में लोकप्रिय इन राष्ट्र-संतों के जीवन और व्यवहार में धार्मिक समरसता की अद्भुत शक्ति है। देशभर में छत्तीस कौम के लोग इन संतों से जुड़े हुए हैं।
रविवार को होने वाले विराट प्रवचन में राष्ट्र-संत जीवन-निर्माण, व्यक्तित्व-निर्माण, स्वास्थ्य-सुधार, पारिवारिक प्रेम, केरियर, धर्म, अध्यात्म, ध्यान योग और समाज-निर्माण से जुड़े विषयों पर प्रवचन देंगे। यह प्रवचन कार्यक्रम जीवन जीने की कला सीखने के लिए, व्यक्तित्व और करियर का निर्माण करने के लिए, जिंदगी में आरोग्य, आनंद, प्रेम और शांति लाने के लिए, परिवार और रिश्तों में संस्कारों का संचार करने के लिए यह प्रवचन सभी के लिए वरदान बनेगा।  क्रोध, अहंकार, मानसिक चिंता और तनाव को जिंदगी से भगाने के लिए इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जिन राष्ट्रसंतों को सोशल मीडिया पर करोड़ों लोग देख और सुन चुके हैं उन्हें लाइव सुनने का ये सुनहरा अवसर आया है।
रविवार को राष्ट्र-संतों के नागरिक अभिनंदन के साथ ज्ञानगंगा एवं सत्संग का महाकुंभ प्रारंभ होगा जिसमें जीवन को कैसे स्वर्ग बनाएं विषय पर सार्वजनिक प्रवचन होगा।
इस कार्यक्रम में समस्त जैन समाज के साथ समस्त राजस्थानी समाज, गुजराती समाज, मारवाड़ी समाज के सभी श्रद्धालु भाई-बहन भाग लेंगे। 
कार्यक्रम को विराट रूप में मनाने के लिए अलग-अलग समितियों का गठन किया गया है।
संघ द्वारा सीतामऊ के समस्त भाई बहनों को समारोह में भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित किया गया है।

महिला पतंजलि योग समिति की सदस्यों ने पांच दिवसीय...

महिला पतंजलि योग समिति की सदस्यों ने पांच दिवसीय प्रशिक्षण लिया

महिला पतंजलि योग समिति की सदस्यों ने पांच दिवसीय प्रशिक्षण लिया 

सीतामऊ

पूरे भारतवर्ष से महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी व तहसील प्रभारी का योग पीठ गुरुग्राम रुड़की में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमें योगगुरु स्वामी रामदेव ने पांच दिनों तक विभिन्न योग क्रियाओं का प्रशिक्षण दिया | मंदसौर जिले से प्रशिक्षण कार्यक्रम में सम्मिलित हुई सुशीला राजेंद्र राठौर एवं योग समिति की सदस्यों ने मंदसौर व सीतामऊ अंचल में संचालित योग कार्यक्रमों की जानकारी दी एवं हर क्षेत्र में योग मित्र द्वारा योग कक्षाओं को विस्तारित करने का संकल्प भी लिया | सुशीला राजेंद्र राठौर सक्रिय योग प्रशिक्षक होने के साथ ही मंदसौर जिला भाजपा मंत्री एवं नगर परिषद सीतामऊ की सभापति भी है |

सीतामऊ में महालक्ष्मी का अनूठा मंदिर पोशाक अर्पित करने...

सीतामऊ में महालक्ष्मी का अनूठा मंदिर पोशाक अर्पित करने के लिए आगामी 40 वर्षों तक की हो चुकी है बुकिंग

सीतामऊ में महालक्ष्मी का अनूठा मंदिर
पोशाक अर्पित करने के लिए आगामी 40 वर्षों तक की हो चुकी है बुकिंग

सीतामऊ


छोटी काशी के नाम से विख्यात सीतामऊ नगर अपनी वैभवशाली धार्मिक संस्कृति के लिए जाना जाता है | नगर में मां लक्ष्मी का प्राचीन मंदिर मौजूद है जहां दीपावली के पावन पर्व पर गोधूलि बेला में माता को पोशाक अर्पित करने का विशेष महत्व है माना जाता है की गोधूलि बेला में मां लक्ष्मी को पोशाक अर्पित करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है एवं पोशाक अर्पित करने के लिए आगामी 40 वर्षों तक की एडवांस बुकिंग इस मंदिर में हो चुकी है विशेष बात यह है कि मां लक्ष्मी को यदि पोशाक अर्पित करने के लिए बुकिंग करना हो तो वह नाम भी गोधूलि बेला में ही लिखे जाते हैं | सीतामऊ नगर में रामद्वारा के समीप स्थित माता लक्ष्मी के मंदिर में प्रति शुक्रवार एवं रविवार लाल पुष्प एवं गुलाब का इत्र अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं |
इस वर्ष भी दीपावली के अवसर पर गोधूलि बेला में भक्तों के द्वारा विशेष पोशाक अर्पित की जाएगी एवं माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाएगी साथ ही गोधूलि बेला में ही पोशाक अर्पित करने के लिए श्रद्धालु बुकिंग करवा सकेंगे | वर्तमान में 2065 तक की अग्रिम बुकिंग हो चुकी है |

लोक मान्यता
तपस्वी ने अपनी शक्ति से उतार लिए थे तीन मंदिर


मंदिर के पुजारी प्रमोद मोड़ ने बताया कि मंदिर को लेकर क्षेत्र में लोक मान्यता है कि प्राचीन समय में किसी साधक द्वारा आकाश मार्ग से तीन मंदिर उड़ाकर ले जाए जा रहे थे। क्षेत्र में तपस्या कर रहे एक साधु ने अपनी शक्तियों का उपयोग कर उन्हें यहीं उतार लिया था। इन तीन मंदिरों में माता लक्ष्मी मंदिर, राधा बावड़ी शिव मंदिर एवं नादिया बावड़ी हनुमान मंदिर शामिल है। तीनों मंदिरों की विशेषता यह है कि इनके आकार, बनावट और शैली एक समान है।

दिन में तीन स्वरूपों में दर्शन देती है मोड़ी माताजी........

दिन में तीन स्वरूपों में दर्शन देती है मोड़ी माताजी..... मयूर स्वरूप में बनाया गया है प्रवेश द्वार.....  समिति ने जन सहयोग से करवाए लाखों के निर्माण कार्य

दिन में तीन स्वरूपों में दर्शन देती है मोड़ी माताजी
मयूर स्वरूप में बनाया गया है प्रवेश द्वार

समिति ने जन सहयोग से करवाए लाखों के निर्माण कार्य

सीतामऊ

सीतामऊ नगर की आराध्य देवी मयूर वाहिनी मां मोड़ी माता जी के दरबार में नवरात्रि के पहले दिन बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंचे प्रतिदिन मां मोड़ी माता जी तीन स्वरूपों में दर्शन देती है प्रातः काल में बाल्यावस्था, दोपहर में युवावस्था एवं शाम के समय वृद्धावस्था का स्वरूप भक्तों को आकर्षित कर रहा है |
यह मंदिर सीतामऊ नगर की स्थापना से भी पूर्व समय से यहां मौजूद है एवं माता जी की मूर्ति स्वयंभू होकर अति चमत्कारिक है रियासत के समय से यह मंदिर नगर की आस्था का केंद्र बिंदु रहा है | वर्तमान में यहां श्री मयूर वाहिनी मां मोडी माताजी मंदिर सौंदर्यीकरण एवं नवनिर्माण समिति द्वारा जन सहयोग से लगभग 20 लाख रुपए से ज्यादा राशि के विकास कार्य करवाए जा चुके हैं जिससे मंदिर परिसर का पूरा परिदृश्य अत्यंत मनमोहक एवं सुंदर हो गया है |
समिति द्वारा यहां आने वाले भक्तों हेतु स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर कूलर लगाया गया है साथ ही मंदिर प्रांगण की बाउंड्री का सौंदर्यीकरण कर प्रकाश की व्यवस्था की गई है, भक्तों के बैठने हेतु समुचित प्रांगण में कुर्सी की व्यवस्था, मंदिर के पास सेल्फी प्वाइंट हेतु गार्डन तैयार किया जा रहा है साथ ही मंदिर प्रांगण में स्थित कुएं का जीर्णोद्धार, मंदिर के पीछे पथवारी नवनिर्माण भी किया गया है दर्शनार्थियों के मंदिर में जाने हेतु रेलिंग की व्यवस्था भी की गई है साथ ही मयूर स्वरूप में ही मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार आकर्षित विद्युत सज्जा के साथ सजाया गया है |
मंदिर से जुड़ी समिति का कहना है कि सभी निर्माण कार्यों हेतु जन सहयोग से यह राशि एकत्रित की गई है एवं लगातार मंदिर में विकास कार्य करवाए जा रहे हैं भविष्य में यहां आम जनता हेतु मांगलिक भवन का निर्माण किया जाना भी प्रस्तावित है मंदिर के चारों तरफ एक जैसी छत डालकर सौंदर्यीकरण किया जाना है साथ ही प्रांगण में बच्चों हेतु झूले चकरी की व्यवस्था कर म्यूजिकल फाउंटेन फव्वारा लगाने की योजना भी प्रस्तावित है |

शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने निकाला जुलूस - ए - मिलाद

शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने निकाला जुलूस - ए - मिलाद

शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने निकाला जुलूस - ए - मिलाद

सीतामऊ

जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर बोहरा समाज के सदस्यों ने नगर में जुलूस निकाला... बोहरा समाज के सभी सदस्य एवं छोटे बच्चे पारंपरिक गणवेश में सम्मिलित हुए | अग्रिम पंक्ति में समाज के युवा बैंड के साथ कतारबद्ध होकर चल रहे थे | वहीं शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने जुलूस-ए-मिलाद निकाला |
मुस्लिम समाज के जुलूस की शुरुआत तालाब चौक से हुई जो सदर बाजार होते हुए नगर पंचायत प्रांगण पहुंचा | नगर की कई समाज सेवी संस्थाओं ने ठंडे पानी शरबत एवं मिठाई के स्तर लगाकर जुलूस का पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया राजवाड़ा चौक में जिला योजना समिति सदस्य अनिल पांडे द्वारा मुस्लिम समाज जनों का स्वागत किया गया वहीं भगोर गेट पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की तरफ से पुष्प वर्षा कर  शहर काजी एवं अंजुमन सदर का पुष्प माला से स्वागत किया गया |
ताला चौक पर जुलूस सभा में परिवर्तित हुआ | जुलूस के दौरान प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मुस्तैद रहे, कार्यक्रम शांति एवं अनुशासन के माहौल में संपन्न हुआ |